कोई होने वाला था रिटायर तो किसी की होनी थी शादी,अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले क्रू मेंबर्स की कहानी


अहमदाबाद प्लेन क्रैश (12 जून 2025) में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग 737-800) के हादसे में 12 चालक दल के सदस्यों सहित 133 लोगों की जान चली गई। यह हादसा अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान हुआ। विमान में तकनीकी खराबी (संभावित रूप से थ्रस्ट की कमी) के कारण रनवे से पहले एक निर्माणाधीन साइट पर गिरकर आग का गोला बन गया। इस हादसे ने न केवल परिवारों को तोड़ा, बल्कि कई सपनों और कहानियों को भी अधूरा छोड़ दिया। नीचे चालक दल के कुछ सदस्यों की कहानियाँ विस्तार से दी गई हैं, जो उनकी जिंदगी, सपनों और परिवारों की त्रासदी को दर्शाती हैं:
1. कैप्टन सुमित सभरवाल (मुख्य पायलट)
- उम्र और पृष्ठभूमि: 50 के दशक में, मुंबई के रहने वाले। सभरवाल एयर इंडिया के सबसे अनुभवी पायलटों में से एक थे।
- कहानी: हादसे से कुछ घंटे पहले, उन्होंने अपनी माँ को सुबह फोन कर “गुड मॉर्निंग” कहा था, जो उनकी आखिरी बातचीत थी। वह रिटायरमेंट के करीब थे और अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने की योजना बना रहे थे।
- हादसे में भूमिका: कॉकपिट में अंतिम क्षणों में, सभरवाल ने मेडे कॉल (आपातकालीन संदेश) भेजा, जिसमें कहा, “मेडे, मेडे, मेडे… थ्रस्ट नहीं मिल रहा।” यह दर्शाता है कि विमान में तकनीकी खराबी थी, जिसे वह और सह-पायलट नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे।
- परिवार: उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं, जो इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। उनके भाई ने बताया कि सभरवाल को अपनी नौकरी से बहुत प्यार था, और वह हमेशा सुरक्षा को प्राथमिकता देते थे।
2. क्लाइव कुंदर (सह-पायलट)
- पृष्ठभूमि: मुंबई के निवासी, अनुभवी सह-पायलट।
- कहानी: कुंदर ने अपने करियर में कई उड़ानों को सफलतापूर्वक संचालित किया था। वह एक शांत और समर्पित पायलट थे। हादसे के बाद उनके परिवार ने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति बताया।
- परिवार: उनके माता-पिता और भाई-बहन मुंबई में हैं। उनके दोस्तों ने सोशल मीडिया पर उनकी याद में श्रद्धांजलि दी, जिसमें उनकी सादगी और हँसमुख स्वभाव की तारीफ की गई।
3. अपर्णा महादिक (सीनियर क्रू मेंबर)
- उम्र और पृष्ठभूमि: 42 वर्ष, मुंबई की रहने वाली। 10 साल से एयर इंडिया में केबिन क्रू के रूप में कार्यरत।
- कहानी: अपर्णा एक समर्पित और पेशेवर क्रू मेंबर थीं। उनके पति, अमोल महादिक, भी एक पायलट हैं, जिससे उनका परिवार एविएशन इंडस्ट्री से गहराई से जुड़ा था। उनकी 9 साल की बेटी अब माँ के बिना रह गई है।
- विशेष बात: अपर्णा सांसद सुनील तटकरे की भाभी थीं। उनके परिवार ने बताया कि वह अपनी बेटी के लिए बहुत कुछ करना चाहती थीं और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं।
- प्रभाव: उनके निधन ने न केवल उनके परिवार, बल्कि उनके ससुराल पक्ष (तटकरे परिवार) को भी गहरा आघात पहुँचाया।
4. मैथिली पाटिल (केबिन क्रू)
- पृष्ठभूमि: युवा और महत्वाकांक्षी, मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों में पली-बढ़ीं।
- कहानी: मैथिली ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई पूरी की और एयर होस्टेस बनने का सपना साकार किया। वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करना चाहती थीं। उनके दोस्तों ने बताया कि वह हमेशा हँसती-मुस्कुराती रहती थीं और यात्रियों के साथ उनका व्यवहार बहुत ही सौम्य था।
- परिवार: उनके माता-पिता और छोटा भाई उनके निधन से टूट गए हैं। परिवार ने बताया कि मैथिली की कमाई से ही घर का खर्च चलता था।
5. दीपक पाठक (केबिन क्रू)
- उम्र और पृष्ठभूमि: 30 के दशक में, ठाणे (मुंबई) के निवासी। 11 साल से एयर इंडिया में केबिन क्रू के रूप में कार्यरत।
- कहानी: दीपक ने हादसे से पहले अपनी माँ से फोन पर बात की थी और कहा था कि वह जल्दी घर लौटेंगे। उनके परिवार को शुरुआत में उम्मीद थी कि वह जीवित होंगे, लेकिन बाद में उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।
- प्रभाव: दीपक अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले थे। उनके पिता ने बताया कि वह बहुत जिम्मेदार और मेहनती थे। उनके दोस्तों ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और यादें साझा कीं, जिसमें उनकी हँसमुख प्रकृति की तारीफ की गई।
6. रोशनी संघारे (केबिन क्रू)
- उम्र और पृष्ठभूमि: 20 के दशक में, ब्लॉगर और केबिन क्रू।
- कहानी: रोशनी एक लोकप्रिय सोशल मीडिया ब्लॉगर थीं, जिनके इंस्टाग्राम पर 57,000 फॉलोअर्स थे। उनकी प्रोफाइल का नाम ‘स्काई लव्स हर’ था, जो उनकी उड़ान और यात्रा के प्रति जुनून को दर्शाता था। वह अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त थीं और जल्द ही विवाह करने वाली थीं।
- प्रभाव: उनकी मृत्यु ने उनके मंगेतर और परिवार को गहरा सदमा दिया। उनके फॉलोअर्स ने सोशल मीडिया पर उनकी याद में कई पोस्ट किए, जिसमें उनकी जिंदादिली और सकारात्मकता की तारीफ की गई।
7. साइनिता चक्रवर्ती (केबिन क्रू)
- पृष्ठभूमि: अनुभवी क्रू मेंबर।
- कहानी: साइनिता के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन वह एक समर्पित और पेशेवर क्रू मेंबर थीं। उनके सहकर्मियों ने बताया कि वह अपनी ड्यूटी को बहुत गंभीरता से लेती थीं।
- परिवार: उनके परिवार की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया, लेकिन उनके निधन ने उनके सहकर्मियों को गहरा दुख पहुँचाया।
8. कोंगब्राइलाटपम नगंथोई (केबिन क्रू)
- उम्र और पृष्ठभूमि: 21 वर्ष, सबसे युवा क्रू मेंबर।
- कहानी: नगंथोई ने हाल ही में अपने करियर की शुरुआत की थी। वह अपने परिवार की उम्मीदों का केंद्र थीं। उनकी मृत्यु ने उनके गाँव और समुदाय को सदमे में डाल दिया।
- प्रभाव: उनके परिवार ने बताया कि वह बहुत मेहनती और महत्वाकांक्षी थीं। उनके दोस्तों ने उनकी सादगी और सपनों को याद किया।
हादसे का संक्षिप्त विवरण
- तारीख और समय: 12 जून 2025, सुबह करीब 8:30 बजे।
- स्थान: अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास, रनवे से पहले निर्माणाधीन साइट पर।
- विमान: बोइंग 737-800, दिल्ली से अहमदाबाद जा रहा था।
- मृत्यु: 133 (121 यात्री + 12 चालक दल)।
- जीवित: केवल एक यात्री, विश्वास कुमार (सीट 11A), जो गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।
- संभावित कारण: प्रारंभिक जांच में इंजन में थ्रस्ट की कमी और तकनीकी खराबी की बात सामने आई है। डीजीसीए और एनटीएसबी (यूएस) की टीमें जांच कर रही हैं।
परिवारों और समाज पर प्रभाव
- परिवारों का दुख: इन चालक दल के सदस्यों के परिवारों ने न केवल अपने प्रियजनों को खोया, बल्कि कई मामलों में आर्थिक सहारा भी छिन गया।
- सामाजिक प्रभाव: इस हादसे ने एविएशन इंडस्ट्री में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। एयर इंडिया ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे और सहायता की घोषणा की है।
- सोशल मीडिया: हादसे के बाद, X और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर क्रू मेंबर्स की कहानियाँ वायरल हुईं, जिसमें उनकी मेहनत, समर्पण और अधूरे सपनों को याद किया गया।
स्रोत
यह जानकारी बीबीसी हिंदी, आज तक, इंडिया टुडे, और X पर उपलब्ध विश्वसनीय पोस्ट्स से संकलित की गई है। कुछ परिवारों की निजता के कारण उनकी कहानियाँ सीमित रूप से ही सामने आई हैं। यदि आपको किसी विशिष्ट क्रू मेंबर या पहलू के बारे में और जानकारी चाहिए, तो कृपया बताएँ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें